इस्लामाबाद/वॉशिंगटन. अमेरिका ने पाक नागरिकों को वीजा दिए जाने की पॉलिसी में बदलाव किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाक नगारिकों को अब 5 साल की बजाय 3 महीने का वीजा दिया जाएगा। वीजा की फीस भी 160 डॉलर से बढ़ाकर 190 डॉलर कर दी गई है। सिविलियंस के अलावा पत्रकारों के लिए भी वीजा अवधि को घटाकर 3 महीने कर दिया गया है। अमेरिका ने कई श्रेणियों में वीजा पॉलिसी में बदलाव किया है।
पर्यटन और छात्रों के लिए वीजा अवधि 5 साल बरकरार
पाक मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई है।
पाक से काम और मिशनरी के लिए आने वालों को 5 साल की जगह एक साल का वीजा दिया जाएगा। व्यापार, पर्यटन और छात्रों के लिए 5 साल के लिए वीजा अवधि को बरकरार रखा गया है।
पाक चैनलों के मुताबिक, वीजा पॉलिसी में बदलाव अमेरिका स्थित पाकिस्तानी दूतावास के नियमों के अनुसार किया गया है। सरकारी अधिकारियों की वीजा अवधि का निर्धारण उनके काम को देखते हुए किया जाएगा। पहले वीजा फीस 11, 288 रु. थी, इसे 21 जनवरी से 13, 405 रु. कर दिया गया है।
अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान
पुलवामा हमले के बाद वैश्विक मंच पर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता जा रहा है। इससे पहले पाक ने भारत में घुसपैठ के दौरान एफ-16 विमानों के इस्तेमाल पर पाक से रिपोर्ट मांगी थी।
इस्लामिक सहयोग संगठन (आईओसी) की बैठक में भी पाक भारत की मौजूदगी के चलते शामिल नहीं हुआ था। यहां सुषमा ने पाक का नाम लिए बगैर कहा था कि हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है, ना कि किसी धर्म के खिलाफ।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड जैश सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए भी अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने प्रस्ताव पेश किया था। तीनों सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और वीटो पावर वाले देश हैं, हालांकि चीन ने इस प्रस्ताव पर चुप्पी साध रखी है।
"कर्जमाफी के नाम पर कर्नाटक सरकार ने वोट मांगे थे। उन्होंने कहा था कि किसानों का कर्ज माफ करेंगे। लेकिन उन्होंने जनता को मूर्ख बनाया। किसानों पर उल्टे केस कर दिए। पुलिसवालों को भेजा। यही उनका तरीका है। ऐसे खिलाड़ियों का हिसाब बराबर करने का मौका आ गया है। यह किसानों तक लाभ पहुंचाने में अड़ंगे डाल रहे हैं। वे यह इसलिए नहीं कर रहे क्योंकि इसमें बिचौलियों का लाभ नहीं है।"
परिवार की राजनीति करने वालों को नई नीति पसंद नहीं आ रही- मोदी
मोदी ने कहा, ''केंद्र सरकार अगर दिल्ली से एक रुपया भेजती है तो 100 पैसे पूरे गरीब के खाते में जाते हैं। कोई बिचौलिया लोगों का हक नहीं मार सकता था। पहले की सरकार ने जो योजना बनाई थी उसके मुताबिक करीब 8 करोड़ लोग ऐसे थे जो कागजों पर ही थे। पैदा नहीं होते थे। वे स्कूल में स्कॉलरशिप लेने लगते थे, वे दिव्यांग हो जाते थे, वे सरकार योजनाओं का फायदा लेने लगते थे, पेंशन लेने लगते थे।''
''सिर्फ अपने परिवार की राजनीति करने वाले नेताओं को भारत की नई नीति पसंद नहीं आ रही। अपने स्वार्थों की सिद्धि हो सके इसलिए वे देश की मजबूत सरकार से डरते हैं। आज कर्नाटक में मजबूर सरकार बनी है तो आप देख रहे हैं क्या हो रहा है। कोई कहता है कि कर्नाटक की जनता को लूटो।''
''कर्नाटक का बुरा हुआ तो क्या देश का बुरा होना चाहिए? इसलिए मैं आपसे कहने आया हूं कि छोटी सी गलती कर्नाटक का बड़ा नुकसान कर सकती है। कभी कभी छोटी गलती महंगी पड़ जाती है। इसलिए भाईयों बहनों पूर्णता वाली सरकार किस मजबूती से आगे बढ़ रही है वो आप देख सकते हैं। पूर्ण नहीं होती तो कर्नाटक
इसके बाद प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कांचीपुरम जाएंगे। यहां सड़क, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र की कई विकास परियोजनाओं को उद्घघाटन करेंगे। मोदी वीडियो लिंक के जरिए चेन्नई के डॉ. एमजीआर ऑफ आर्ट्स कॉलेज में एमजी रामचंद्रन की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। एमजीआर 1977 से 1987 के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे थे।
पर्यटन और छात्रों के लिए वीजा अवधि 5 साल बरकरार
पाक मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई है।
पाक से काम और मिशनरी के लिए आने वालों को 5 साल की जगह एक साल का वीजा दिया जाएगा। व्यापार, पर्यटन और छात्रों के लिए 5 साल के लिए वीजा अवधि को बरकरार रखा गया है।
पाक चैनलों के मुताबिक, वीजा पॉलिसी में बदलाव अमेरिका स्थित पाकिस्तानी दूतावास के नियमों के अनुसार किया गया है। सरकारी अधिकारियों की वीजा अवधि का निर्धारण उनके काम को देखते हुए किया जाएगा। पहले वीजा फीस 11, 288 रु. थी, इसे 21 जनवरी से 13, 405 रु. कर दिया गया है।
अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान
पुलवामा हमले के बाद वैश्विक मंच पर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता जा रहा है। इससे पहले पाक ने भारत में घुसपैठ के दौरान एफ-16 विमानों के इस्तेमाल पर पाक से रिपोर्ट मांगी थी।
इस्लामिक सहयोग संगठन (आईओसी) की बैठक में भी पाक भारत की मौजूदगी के चलते शामिल नहीं हुआ था। यहां सुषमा ने पाक का नाम लिए बगैर कहा था कि हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है, ना कि किसी धर्म के खिलाफ।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड जैश सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए भी अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने प्रस्ताव पेश किया था। तीनों सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और वीटो पावर वाले देश हैं, हालांकि चीन ने इस प्रस्ताव पर चुप्पी साध रखी है।
"कर्जमाफी के नाम पर कर्नाटक सरकार ने वोट मांगे थे। उन्होंने कहा था कि किसानों का कर्ज माफ करेंगे। लेकिन उन्होंने जनता को मूर्ख बनाया। किसानों पर उल्टे केस कर दिए। पुलिसवालों को भेजा। यही उनका तरीका है। ऐसे खिलाड़ियों का हिसाब बराबर करने का मौका आ गया है। यह किसानों तक लाभ पहुंचाने में अड़ंगे डाल रहे हैं। वे यह इसलिए नहीं कर रहे क्योंकि इसमें बिचौलियों का लाभ नहीं है।"
परिवार की राजनीति करने वालों को नई नीति पसंद नहीं आ रही- मोदी
मोदी ने कहा, ''केंद्र सरकार अगर दिल्ली से एक रुपया भेजती है तो 100 पैसे पूरे गरीब के खाते में जाते हैं। कोई बिचौलिया लोगों का हक नहीं मार सकता था। पहले की सरकार ने जो योजना बनाई थी उसके मुताबिक करीब 8 करोड़ लोग ऐसे थे जो कागजों पर ही थे। पैदा नहीं होते थे। वे स्कूल में स्कॉलरशिप लेने लगते थे, वे दिव्यांग हो जाते थे, वे सरकार योजनाओं का फायदा लेने लगते थे, पेंशन लेने लगते थे।''
''सिर्फ अपने परिवार की राजनीति करने वाले नेताओं को भारत की नई नीति पसंद नहीं आ रही। अपने स्वार्थों की सिद्धि हो सके इसलिए वे देश की मजबूत सरकार से डरते हैं। आज कर्नाटक में मजबूर सरकार बनी है तो आप देख रहे हैं क्या हो रहा है। कोई कहता है कि कर्नाटक की जनता को लूटो।''
''कर्नाटक का बुरा हुआ तो क्या देश का बुरा होना चाहिए? इसलिए मैं आपसे कहने आया हूं कि छोटी सी गलती कर्नाटक का बड़ा नुकसान कर सकती है। कभी कभी छोटी गलती महंगी पड़ जाती है। इसलिए भाईयों बहनों पूर्णता वाली सरकार किस मजबूती से आगे बढ़ रही है वो आप देख सकते हैं। पूर्ण नहीं होती तो कर्नाटक
इसके बाद प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कांचीपुरम जाएंगे। यहां सड़क, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र की कई विकास परियोजनाओं को उद्घघाटन करेंगे। मोदी वीडियो लिंक के जरिए चेन्नई के डॉ. एमजीआर ऑफ आर्ट्स कॉलेज में एमजी रामचंद्रन की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। एमजीआर 1977 से 1987 के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे थे।
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