सात चरण के लंबे मतदान के बाद अब चारों तरफ एग्ज़िट पोल का शोर है. टीवी चैनलों के लंबे-चौड़े दावों के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि एग्ज़िट पोल को 'एग्ज़ैक्ट पोल' नहीं मानना चाहिए. कांग्रेसी नेता शशि थरूर जिन्होंने देश में टि्वटर और सोशल मीडिया के राजनीतिक इस्तेमाल की शुरुआत की, उनके अनुसार भारत में अभी तक 56 बार एग्ज़िट पोल ग़लत साबित हो चुके हैं. 2004 के एग्ज़िट पोल की नाकामी को तो सभी स्वीकार करते हैं. पुरानी कहानी भूल भी जाएँ तो इस बार के एग्ज़िट पोल में अनेक विरोधाभास हैं, जो पूरी प्रक्रिया में कई सवाल उठाते हैं. इस बार के आम चुनावों में NewsX ने भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 242 सीटें दी हैं तो आजतक ने 352 सीटें दे दीं. दोनों आकलनों में 110 सीटों का फर्क है जो 45 फ़ीसदी से ज़्यादा है. दूसरी ओर, News-18 ने कांग्रेस के UPA गठबंधन को 82 सीटें दी हैं जबकि NewsX ने 164 सीटें दी हैं. इन दोनों के आकलनों में दोगुने का फ़र्क है. एग्ज़िट पोल में विसंगतियों की कुछ और बानगी. पश्चिम बंगाल में भाजपा को 4 से लेकर 22 सीटों तक का आकलन, जिसमें 5 गुने का फ़र्क है. त...