गणतंत्र दिवस से पहले सचिन तेंडुलकर ने भास्कर के पाठकों के लिए संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत केवल स्पोर्ट्स लविंग नेशन न रहे, वह स्पोर्ट्स प्लेइंग नेशन भी बने। 26 जनवरी को प्रकाशित होने वाले भास्कर के विशेष अंक के लिए सचिन गेस्ट एडिटर बने हैं। उन्होंन कहा कि उनके लिए इस तरह का यह पहला अनुभव था।
हम हेल्दी हैं, तो भारत हेल्दी है'
सचिन ने कहा, ‘‘हम यही मैसेज देना चाहते हैं कि भारत एक स्पोर्ट्स लविंग नेशन है, लेकिन क्या ये एक स्पोर्ट्स प्लेइंग नेशन है? इस जगह एक बहुत बड़ा क्वेश्चन मार्क लग जाता है। अगर दिल पर हाथ रखकर कहेंगे कि है या नहीं, तो मैं कहूंगा कि शायद हम देखना पसंद करते हैं, खेलना नहीं। दैनिक भास्कर के जरिए हमारा मैसेज यही है कि आप खेलना शुरू करें। सभी को कॉम्पीटीटिव स्पोर्ट्स खेलने की जरूरत नहीं है। सभी को मेडल लाने की जरूरत नहीं है। अपनी सेहत का ख्याल रखें। अगर हम हेल्दी हैं तो भारत हेल्दी है।’’
'लड़के और लड़कियों को बराबर मौके मिलें'
सचिन ने दूसरा मैसेज दिया, ‘‘लड़के और लड़कियों में भेदभाव न करें। दोनों को बराबर मौके दें, बराबर सहयोग करें और प्रोत्साहित करें। हमारी महिला खिलाड़ी सिंधु और साक्षी रियो ओलिंपिक्स में मेडल लेकर आईं। अगर उनके पैरेंट्स ने उन्हें बराबर मौके नहीं दिए होते तो शायद हमें जश्न मनाने का अवसर नहीं मिलता। मैं सभी पैरेंट्स से कहना चाहूंगा कि बेटे-बेटी में फर्क न करें, दोनों को बराबर मौके दें और उन्हें सपोर्ट करें।’’
स्पेशल एडिशन में होंगे रोचक किस्से, अनूठे आइडिया
सचिन स्पेशल एडिशन के लिए भास्कर ने कॉन्टेस्ट कराया था। इसमें आई 3000 से ज्यादा एंट्रियों में से सचिन ने कुछ आर्टिकल शॉर्ट लिस्ट किए हैं। सचिन द्वारा चुनी गई एंट्रियों को प्रकाशित किया जाएगा। इनमें खेलों को लेकर देश में किए जा रहे काम, ग्राउंड रिपोर्ट, रोचक किस्से और अनूठे आइडियाज पर आधारित आर्टिकल भी होंगे।
लाखों लोगों को होगा फायदा
माना यह जा रहा है कि इस लाइन के शुरू होते ग्रेटर नोएडा में आबादी में तेजी आएगी और वहां पड़े लाखों खाली फ्लैट्स भर सकेंगे. 21 मेट्रो स्टेशन के साथ इस पूरी लाइन की लंबाई 30 किलोमीटर है और इसे बनाने में कुल खर्च 5500 करोड़ रुपये का है. बता दें कि पहले इस लाइन की शुरुआत की चर्चा 25 दिसंबर को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन पर थी, लेकिन उस वक्त भी पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ से वक्त नहीं मिल पाया था.
सरकारी उपलब्धि की इस सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने आज तक से कहा, "योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कोई काम नहीं किया है. हर जगह फर्जी मुठभेड़ हुई हैं और हमारी पार्टी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इन मुठभेड़ों पर भी सवाल उठाए हैं और अगर सीबीआई जांच का आदेश दिया जाता है, तो यूपी के सीएम और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को परेशानी होगी.”
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा “राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है. राज्य में हत्याएं हो रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ों पर सवाल उठाए हैं. इसे सरकारी एचीवमेंट के रूप में हाइलाइट करने का मतलब है कि इस सरकार के पास दिखाने के लिए कोई विकास कार्य नहीं है."
हम हेल्दी हैं, तो भारत हेल्दी है'
सचिन ने कहा, ‘‘हम यही मैसेज देना चाहते हैं कि भारत एक स्पोर्ट्स लविंग नेशन है, लेकिन क्या ये एक स्पोर्ट्स प्लेइंग नेशन है? इस जगह एक बहुत बड़ा क्वेश्चन मार्क लग जाता है। अगर दिल पर हाथ रखकर कहेंगे कि है या नहीं, तो मैं कहूंगा कि शायद हम देखना पसंद करते हैं, खेलना नहीं। दैनिक भास्कर के जरिए हमारा मैसेज यही है कि आप खेलना शुरू करें। सभी को कॉम्पीटीटिव स्पोर्ट्स खेलने की जरूरत नहीं है। सभी को मेडल लाने की जरूरत नहीं है। अपनी सेहत का ख्याल रखें। अगर हम हेल्दी हैं तो भारत हेल्दी है।’’
'लड़के और लड़कियों को बराबर मौके मिलें'
सचिन ने दूसरा मैसेज दिया, ‘‘लड़के और लड़कियों में भेदभाव न करें। दोनों को बराबर मौके दें, बराबर सहयोग करें और प्रोत्साहित करें। हमारी महिला खिलाड़ी सिंधु और साक्षी रियो ओलिंपिक्स में मेडल लेकर आईं। अगर उनके पैरेंट्स ने उन्हें बराबर मौके नहीं दिए होते तो शायद हमें जश्न मनाने का अवसर नहीं मिलता। मैं सभी पैरेंट्स से कहना चाहूंगा कि बेटे-बेटी में फर्क न करें, दोनों को बराबर मौके दें और उन्हें सपोर्ट करें।’’
स्पेशल एडिशन में होंगे रोचक किस्से, अनूठे आइडिया
सचिन स्पेशल एडिशन के लिए भास्कर ने कॉन्टेस्ट कराया था। इसमें आई 3000 से ज्यादा एंट्रियों में से सचिन ने कुछ आर्टिकल शॉर्ट लिस्ट किए हैं। सचिन द्वारा चुनी गई एंट्रियों को प्रकाशित किया जाएगा। इनमें खेलों को लेकर देश में किए जा रहे काम, ग्राउंड रिपोर्ट, रोचक किस्से और अनूठे आइडियाज पर आधारित आर्टिकल भी होंगे।
लाखों लोगों को होगा फायदा
माना यह जा रहा है कि इस लाइन के शुरू होते ग्रेटर नोएडा में आबादी में तेजी आएगी और वहां पड़े लाखों खाली फ्लैट्स भर सकेंगे. 21 मेट्रो स्टेशन के साथ इस पूरी लाइन की लंबाई 30 किलोमीटर है और इसे बनाने में कुल खर्च 5500 करोड़ रुपये का है. बता दें कि पहले इस लाइन की शुरुआत की चर्चा 25 दिसंबर को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन पर थी, लेकिन उस वक्त भी पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ से वक्त नहीं मिल पाया था.
सरकारी उपलब्धि की इस सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने आज तक से कहा, "योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कोई काम नहीं किया है. हर जगह फर्जी मुठभेड़ हुई हैं और हमारी पार्टी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इन मुठभेड़ों पर भी सवाल उठाए हैं और अगर सीबीआई जांच का आदेश दिया जाता है, तो यूपी के सीएम और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को परेशानी होगी.”
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा “राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है. राज्य में हत्याएं हो रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ों पर सवाल उठाए हैं. इसे सरकारी एचीवमेंट के रूप में हाइलाइट करने का मतलब है कि इस सरकार के पास दिखाने के लिए कोई विकास कार्य नहीं है."
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